Hindi / Multiple / Two Liners

जो गुजर रही है गुज़ार लो,
ना बुरा कहो ना गिला करो,
जो तुम्हारा हाल है दोस्तों ,
वही सरे शहर का हाल है

फिर बैठे बैठे वादा-इ-वस्ल उस ने कर लिया,
फिर उठ खड़ा हुआ वही रोग इंतज़ार का !

ले मेरे तजुर्बों से सबक ऐ मेरे रक़ीब,
दो चार साल उम्र में तुझसे बड़ा हूँ मैं – क़तील

तुम्हे भी याद नहीं और मैं भी भूल गया,
वो लम्हा कितना हसीन था मगर फ़ुज़ूल गया.

इस से पहले के हारता तुझ से ,
मेरे हालात मुझ से जीत गए !

इक मुलाक़ात थी जो दिल को सदा याद रही,
हम जिसे उम्र समझते थे वह इक पल निकला – अयूब रूमानी

जब से उसने शहर को छोड़ा हर रास्ता सुनसान हुआ ,
अपना क्या है सारे शहर का इक जैसा नुसकान हुआ !

हालात ने बच्चों को तहज़ीब सीखा दी,
सहमे हुए बैठे हैं शरारत नहीं करते .!
T – जसप्रीत 309

लोग खुश हैं उसे दे के इबादत का फरेब,
मगर वो खूब समझता है खुदा है वो भी …..!

है शौक़ -इ -सफर ऐसा के इक उम्र से हम ने ,
मंज़िल भी नहीं पाई और रास्ता भी नहीं बदला !

ट्रांसलेशन : हरमीत सिद्धू

 

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