Category Archives: Hindi

Hindi / Multiple / Two Liners

जो गुजर रही है गुज़ार लो, ना बुरा कहो ना गिला करो, जो तुम्हारा हाल है दोस्तों , वही सरे शहर का हाल है फिर बैठे बैठे वादा-इ-वस्ल उस ने कर लिया, फिर उठ खड़ा हुआ वही रोग इंतज़ार का … Continue reading

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Hindi / Multiple / Two Liners

शब्-इ-इंतज़ार की कश-म-कश न पूछ कैसे सहर हुई, कभी इक चिराग बुझा दिया कभी इक चिराग जला लिया – मजरूह सुल्तानपुरी सूना है उन्हें भी हवा लग गई, हवाओं के जो रुख बदलते रहे – बशीर बदर वो खुदा है … Continue reading

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Bhagat Singh

Courtesy: Desi Comments

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मुसाफिर हैं हम भी / Musafir Hain Hum Bhi

कहाँ आँसओं की यह सौगात होगी, नए लोग होंगे नै बात होगी, मैं हर हाल में मुस्कराता रहूँगा, तुम्हारी मोहब्बत अगर साथ होगी, चरागों को आँखों से महफूस रखना, बड़ी दूर तक रात ही रात होगी, मुसाफिर हैं हम भी … Continue reading

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