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Aafreen Aafreen / Javed Akhtar

उसने जाना की तारीफ़ मुमकिन नहीं आफरीं-आफरीं… तू भी देखे अगर, तो कहे हमनशीं आफरीं-आफरीं… हुस्न-ए-जाना… ऐसा देखा नहीं खूबसूरत कोई जिस्म जैसे अजंता की मूरत कोई जिस्म जैसे निगाहों पे जादू कोई जिस्म नगमा कोई, जिस्म खुशबू कोई जिस्म … Continue reading

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