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वोह हमसफ़र था / Woh Humsafar Tha / Mohsin Naqvi

वोह हमसफ़र था मगर उस से हम-नवाई ना थी, के धुप छाओं का आलम रहा, जुदाई ना थी, अदावतें थीं, तग़ाफ़ुल था, रंजिशें थीं मगर, बिचरने वाले मैं सब कुछ था मगर बेवफाई ना थी, बिछड़ते वक़्त उन आँखों मैं … Continue reading

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